भगवान कृष्ण और अरिष्टासुर कथा
आखिर किस कारण एक शिष्य को बैल का जन्म
लेना पडा
भगवान कृष्ण और अरिष्टासुर कथा
एक बार वृंदावन
में एक बड़ा बैल घुस गया और उसने अचानक से गांव के लोगों पर आक्रमण करना शुरू कर
दिया। उस बैल ने कई लोगों के घर को तोड़ दिया जिसके कारण कई लोगों को चोट भी लगी।
जब कृष्ण को इस
बात का पता चला तो वह तुरंत उस बैल के पास पहुंचे। श्रीकृष्ण ने देखते ही पता लगा
लिया कि वह बैल एक असुर है। उस असुर का नाम था अरिष्ठासुर है। कृष्ण को देखते ही
वह कृष्ण की ओर तेजी से आक्रमण करने के लिए दौड़ा।
भगवान कृष्ण ने
अपनी शक्ति से उसे परास्त कर दिया। परास्त करते ही वह बैल भगवान कृष्ण के समक्ष
नतमस्तक होकर बैठ गया। उसके बाद उसने कृष्ण को बताया कि वह भगवान बृहस्पति का
शिष्य है और अपने गुरु के साथ दुर्व्यवहार करने के कारण उसे असुर बैल बनने का
श्राप मिला था। इस प्रकार कृष्ण में ब्रज के लोगों को अरिष्ठासुर से बचाया।
महात्म : जैसी जैसी भावना वैसा ही फल दे, गुरु से कभी भी विरोध नहीं करना चाहिये I
जय श्री कृष्ण I शिव शक्ति धाम
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